Friday, December 5, 2014

अपनी थी कमज़ोरियां


9 comments:

  1. सुंदर, सशब्द चित्रण

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  2. वाह ! क्या बात है ! बहुत सुन्दर प्रस्तुति !

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (06-12-2014) को "पता है ६ दिसंबर..." (चर्चा-1819) पर भी होगी।
    --
    सभी पाठकों को हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  4. और विकल्प भी तो कोई नहीं था ,
    वाह, अच्छी अभिव्यक्ति

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  5. वाह !! क्या खूबसूरत शब्द लिखे हैं आपने

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  6. khoobsurt....sbdon ki aakrshak mitvyaytaa...

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