Wednesday, September 3, 2014

झूठ की गोला बारी हो गयी......

झूठ की गोला बारी हो गयी
सच की डिब्बी खाली हो गयी

लोगो के संग हुआ गज़ब हादसा
दिल छोटा लम्बी गाड़ी हो गयी

नोन रोटी है भई अपना साथी
महंगी जबसे तरकारी ही गयी

काम किसके लिए है करना
अब नौकरी सरकारी हो गयी

नफरत बड़ा बटोरा मन में की
हार्ट में कई बीमारी हो गयी

हराम के खाने की आदत में
हर हरकत में गद्दारी हो गयी

__________परी ऍम 'श्लोक'

10 comments:

  1. सही कहा आपने , आदतें बिगड़ रही हैं सबकी।


    सादर

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  2. लाजबाव कविता ये कविता खद्दरधारियों के मुँह पर तमाचा है।

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  3. हराम के खाने की आदत में
    हर हरकत में गद्दारी हो गयी
    ये पंक्ति एकदम सार्थक लगी

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  4. लोगो के संग हुआ गज़ब हादसा
    दिल छोटा लम्बी गाड़ी हो गयी ...
    उम्दा हकीकत से रूबरू कराता शेर ... लाजवाब ...

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  5. कल 05/सितंबर/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद !

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  6. बेहतरीन रचना , पारी जी धन्यवाद !
    Information and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )
    आपकी इस रचना का लिंक दिनांकः 5 . 9 . 2014 दिन शुक्रवार को I.A.S.I.H पोस्ट्स न्यूज़ पर दिया गया है , कृपया पधारें धन्यवाद !

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  7. गजब की लेखनी ..... शानदार रचना

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