Saturday, September 6, 2014

जाने कैसे ?




 














हालातो की
गर्म हवाओ के
थपेड़ो से सूख कर
जम गया था
हृदय में बहता
खूबसूरत एहसास

जाने कैसे ?
तेरे छू भर लेने से
वो
उफान मचा गया !!

_________परी ऍम 'श्लोक'
 

3 comments:

  1. बढ़िया लेखन के लिए बधाई परी जी

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  2. सच है स्पर्श ही काफी है ...

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