Tuesday, August 26, 2014

"तुम्हारा तारुफ़"


4 comments:

  1. बेहतरीन


    सादर

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  2. वाह ! बहुत खूब !

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  3. तारुफ़ - ता'अर्रूफ़ (महेंद्र कपूर साहब का "चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाएं हम दोनों" सुनिए, गीत के अंत में इस शब्द का उच्चारण हुआ है )
    श्याही - स्याही

    बाद वाली पंक्ति ऐसे भी हो सकती है
    "कभी अल्फ़ाज़ नाक़ाबिल, कभी स्याही फीकी"

    सधन्यवाद

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